एंबेसडर ब्रिज और ओटावा प्रदर्शनकारियों को भुगतना पड़ेगा 100,000 डालर का जुर्माना और कारावास

आपातकाल की घोषणा के बाद घोषित एक नए जुर्माने के अनुसार, एंबेसडर ब्रिज पर कैनेडा-अमेरिका सीमा को अवरुद्ध करने वाले प्रदर्शनकारियों को अब 100,000 डालर का जुर्माना और एक साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा।

ओटावा के ‘आज़ादी काफिले‘ को एक जिद्दी और अतिक्रमण बताते हुए, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कहा कि नए नियम उन लोगों पर लागू होंगे जो सीमाओं, 400-लेन हाईवेज़, हवाई अड्डों और रेलवेज़ सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर वस्तुओं, लोगों और सेवाओं को अवरुद्ध कर रहे हैं। अन्य दंडों में व्यक्तिगत और कमर्शीयल लाइसेंसों को जब्त करना शामिल है।

फोर्ड ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम लोगों को शहरों पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दे सकते, वे अपनी नौकरी पर जाने के लिए शहरों को, वहां रहने वाले लाखों लोगों को बंदी नहीं बना सकते। अब यहां से जाने का समय आ गया है।”

काफिले के समर्थकों ने सोमवार रात से लेकर अब तक विंडसर के एंबेसडर ब्रिज का राह रोका हुआ है, जिस पर सामानतः दैनिक 7,000 कमर्शीयल वाहन निकलते हैं, जिस कारण शिपमेंट 100 किलोमीटर दूर सरनिया के ब्लूवाटर ब्रिज की ओर मोड़ी जा रही हैं। परिणामस्वरूप कई वाहन निर्माताओं को अपना उत्पादन कम करना पड़ा है। सरनिया की ओर मोड़ दिए गए ट्रक ड्राइवरों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में चार घंटे या इससे अधिक की देरी हो रही है।

फोर्ड ने कहा, “अभी, 99 प्रतिशत ट्रकर्स हमारी टेबल पर भोजन लाने के लिए काम कर रहे हैं, और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि कलपुर्जे फैक्टरियों तक पहुंचें।” उन्होंने कहा कि एंबेसडर ब्रिज को जाम करने वाले व्यक्तिगत वाहनों में केवल पांच ट्रक शामिल हैं।

फोर्ड ने जोर देकर कहा कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार का समर्थन करते हैं, लेकिन इन अधिकार को प्रयोग युक्तिसंगत होना चाहिए।

ओटावा प्रवर्तन

विंडसर और ओटावा की पुलिस पहले ही कानून लागू करने के अपने प्रयासों में ओंटारियो प्रोविंशीयल पुलिस का साथ देने के लिए पहुंच चुकी है।

400 से अधिक वाहन लगातार ओटावा की गलियों को रोककर खड़े हुए हैं, इस क्षेत्र को ‘रेड जोन‘ करार दिया गया है जो कि आज़ादी काफिले और संबंधित प्रदर्शनकारियों के 29 जनवरी को यहां आने को लेकर कबज़े के अधीन है।

देश की राजधानी में पुलिस और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने 1,550 से अधिक चालान जारी किए हैं, जबकि ओटावा पुलिस शहर की सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए आपराधिक आरोप लगाने और ट्रक जब्ती करने की चेतावनी दे रही है। कुछ संबंधित जुर्मानों के लिए चालान राशि को बढ़ाकर 1,000 डालर के जुर्माने तक बढ़ा दिया गया है। हॉर्न बजाने के खिलाफ भी आदेश जारी किए गए हैं और पुलिस ने कुछ फयूल सप्लाईज़ को जब्त कर लिया है, हालांकि प्रदर्शनकारी इन आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं।

प्रवर्तन प्रयासों में इस कारण भी बाधा आई है क्योंकि, ओटावा पुलिस के अनुसार, हर चार ट्रकों में से एक ट्रक में बच्चे बैठे हुए हैं।

दान पर प्रतिबंध

अन्य प्रयासों में प्रदर्शनों के लिए धन इक्ट्ठा करने पर पाबंदी शामिल है। ओंटारियो सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस ने प्रोविंशीयल सरकार के लिए रास्ता साफ कर दिया है कि वह क्रिस्चिन क्राउडसोर्सिंग प्लेटफॉर्म ‘गिवसैंडगो‘ से दान में मिलने वाले लाखों डॉलर के दान की रकम को जब्त कर सके। इन्हें ‘आज़ादी काफिले‘ 2022 और एडॉप्ट-ए-ट्रकर अभियान वेबपेजों के माध्यम से वितरित किया जा रहा था।

गिवसैंडगो इससे चिंतामुक्त दिखा। उन्होंने ट्विटर पर कहा, “पता है! हम जिस तरह से गिवसैंडगो में फंडों का प्रबंधन करते हैं, उस पर कैनेडा का अधिकार क्षेत्र शून्य है।

गिवसैंडगो पर प्रत्येक अभियान के लिए फंड सीधे इन अभियानों के प्राप्तकर्ताओं को जाते हैं, जिनमें से एक आज़ादी काफिला है।”

यह गोफंडमी क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के बिल्कुल विपरीत है, जिसने ओटावा काफिले के लिए ईंधन और आवास के खर्च के लिए 1 मिलियन डालर का दान जारी करने के बाद प्रदर्शनकारियों को 10 मिलियन डाॅलर के दान की रकम को रोक दिया था। उन्होंने इसका कारण हिंसा और शोषण के खिलाफ प्लेटफॉर्म की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

विंडसर में स्टैलेंटिस असेंबली प्लांट उन में से एक है, जिन्हें एंबेसडर ब्रिज पर स्पलाई चेन में व्यवधान के कारण उत्पादन में कटौती करनी पड़ी थी।

(तस्वीरः स्टालिनिस्ट)